How financial decisions are taken

वित्तीय निर्णय यानी (Financial decision) व्यवसाय से संबंधित विभिन्न प्रकार के वित्तय निर्णय लेना वित्तय प्रबंध का महत्वपूर्ण कार्य है वित्तीय निर्णय तीन प्रकार के होते हैं
1. विधि पूर्ण निर्णय यानी (Financial decision)
2. विनियोग निर्णय यानी (Investment decision) तथा
3. लाभांश निर्णय यानी  (Dividend decision)
वित्त पूर्ति निर्णय  यानी (Financial decision) उचित उचित समय पर आवश्यक वित्त की व्यवस्था करना वित्तीय प्रबंधक का प्रमुख कार्य है अत: पूर्ति निर्णय उपक्रम की पूंजी  आवश्यकताओं से संबंधित होते हैं इनके अंतर्गत पूंजी की मात्रा का निर्धारण पूंजी संरचना का निर्माण तथा वित्त के स्रोतों के चयन संबंधी निर्णय शामिल हैं

पूंजी की मात्रा का निर्धारण  संस्था की स्थाई संपत्तियों चालू संपत्तियों एवं आपूर्ति संपत्तियों में विनियोजित की जाने वाली राशि का पूर्वानुमान लगाकर किया जाता है पूंजी
संरचना (Capital structure) का निर्धारण कुल विनियोजित पूंजी में समता पूंजी व शिक्षण पूंजी के अनुपात द्वारा किया जाता है पूंजी संरचना कर निर्धारण करने के पश्चात वित्त प्रबंधक को प्रस्तावित पूंजी संरचना के अनुसार विभिन्न स्रोतों से आवश्यक कोसों कोषों की प्राप्ति की व्यवस्था करनी होती है कोषो के स्रोतों का चयन पूंजी की लागत संस्था के अंशधारियों की equity पर पड़ने वाले प्रभाव तथा कोष की अवधि पर निर्भर करता है

विनियोग निर्णय यानी (Investment decision) इस कार्य के अंतर्गत प्राप्त कोश यानी फंड का विभिन्न संपत्तियों में विनियोग करने संबंधी निर्णय को शामिल किया जाता है स्थाई संपत्तियों में विनियोग यानी (दीर्घकालीन विनियोग) और चल संपत्तियों में विनियोग यानी (अल्पकालीन विनियोग) की मात्रा का निर्धारण करना वित्तीय प्रबंध का एक महत्वपूर्ण कार्य होता है इसके लिए वित्तय प्रबंधक को समुचित निर्णय लेना पड़ता है  साथ ही  स्थायी संपत्तियों पर डेप्रिसिएशन की व्यवस्था करना भी इस कार्य में शामिल होता


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