What to Produce, How to Produce and For Whom to Produce


Three aspects of the problem of choice or problem of allocation of resources


1. क्या उत्पादन किया जाए
 इस समस्या के दो पहलू हैं एक तो  किस वस्तु का उत्पादन किया जाए
और दूसरा जिन वस्तुओं का उत्पादन किया जाना है उनकी मात्रा कितनी हो पहली समस्या वस्तुओं के चुनाव की है और दूसरी वस्तु की मात्रा की एक अर्थव्यवस्था को विभिन्न वस्तुओं की आवश्यकता होती है परंतु वर्तमान साधनों की सहायता से उन समस्त वस्तुओं का उत्पादन संभव नहीं है जिनकी आवश्यकता है साधनों  के विभिन्न उपयोग के कारण समस्या और गंभीर बन जाती है इसलिए अर्थव्यवस्था को यह चुनाव करना पड़ता है की वह किस वस्तु का उत्पादन करें और किस वस्तु का ना करें वस्तुओं का उत्पादन साधनों की मात्रा के उपयोग पर निर्भर करता है यदि एक वस्तु के उत्पादन में अधिक साधन लगा दिए जाएं तो अन्य वस्तुओं के उत्पादन के लिए साधन कम हो जाते हैं और इन वस्तुओं का उत्पादन कम हो जाता है इसलिए प्रत्येक अर्थव्यवस्था को यह निर्णय करना होता है कि किन वस्तुओं का उत्पादन के लिए कितने साधनों का प्रयोग किया जाए 
2. उत्पादन कैसे किया जाए
 दूसरी प्रमुख समस्या यह है कि निजी वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए किन तकनीकों का प्रयोग किया जाए यह समस्या इस कारण उत्पन्न होती है क्योंकि एक ही वस्तु को उत्पन्न करने की बहुत सी तकनीकी होती हैं  जैसे गेहूं के उत्पादन के लिए या तोअधिक भूमि एवं पूंजी का प्रयोग किया जा सकता है या कम भूमि एवं अधिक पूंजी का दोनों तरीकों से एक समान उत्पादन किया जा सकता है  इसी प्रकार की संभावनाएं अन्य वस्तुओं के उत्पादन के संबंध में भी है अंतिम अर्थव्यवस्था के सम्मुख समस्या आती है कि उत्पादन के साधनों को किस संयोग में प्रयोग किया जाए इस समस्या का मूल कारण भी साधनों की स्वलपता है इस समस्या के दो पहलू हैं एक  तो  किस वस्तु का उत्पादन किया जाए
और दूसरा जिन वस्तुओं का उत्पादन किया जाना है उनकी मात्रा कितनी हो पहली समस्या वस्तुओं के चुनाव की है और दूसरी वस्तु की मात्रा की एक अर्थव्यवस्था को विभिन्न वस्तुओं की आवश्यकता होती है परंतु वर्तमान साधनों की सहायता से उन समस्त वस्तुओं का उत्पादन संभव नहीं है जिनकी आवश्यकता है साधनों  के विभिन्न उपयोग के कारण समस्या और गंभीर बन जाती है इसलिए अर्थव्यवस्था को यह चुनाव करना पड़ता हकी वह किस वस्तु का उत्पादन करें और किस वस्तु का ना करें वस्तुओं का उत्पादन साधनों की मात्रा के उपयोग पर निर्भर करता है यदि एक वस्तु के उत्पादन में अधिक साधन लगा दिए जाएं तो अन्य वस्तुओं के उत्पादन के लिए साधन कम जाते हैं और इन वस्तुओंका उत्पादन कम हो जाता है इसलिए प्रत्येक अवस्था को यह निर्णय करना होता है कि किन वस्तुओं का उत्पादन के लिए कितने साधनों का प्रयोग किया जाए  उत्पादन कैसकिया जाए: दूसरी प्रमुख समस्या यह है कि निजी वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए किन तकनीकों का प्रयोग किया जाए यह समस्या इस कारण उत्पन्न होती है क्योंकि एक ही वस्तु को उत्पन्न करने की बहुत सी तकनीकी होती हैं  जैसे गेहूं के उत्पादन के लिए या तोअधिक भूमि एवं पूंजी का प्रयोग किया जा सकता है या कम भूमि एवं अधिक पूंजी का दोनों तरीकों से एक समान उत्पादन किया जा सकता है  इसी प्रकार की संभावनाएं अन्य वस्तुओं के उत्पादन के संबंध में भी है अंतिम अर्थव्यवस्था के सम्मुख समस्या आती है कि उत्पादन के साधनों को किस संयोग में प्रयोग किया जाए इस समस्या का मूल कारण भी साधनों की स्वलपता है  
             3.उत्पादन किसके लिए किया जाए
देश में किए प्रत्येक उत्पादन का उद्देश्य उसका उपभोग करना है जो कि देश में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा किया जाता है परंतु देश के समस्त साधनों का पूर्ण प्रयोग करने पर भी समस्त व्यक्तियों की आवश्यकता ों के लिए वस्तुओं उत्पन्न नहीं की जा सकती इसलिए अर्थव्यवस्था को यह निर्णय लेना होता है कि किन व्यक्तियों के लिए उत्पादन किया जाए निजी साहसी तो उन लोगों के लिए तथा उनकी आवश्यकतानुसार उत्पादन करना उचित समूह समझेगा जिनसे उसे अधिकतम लाभ होगा परंतु सरकार को उस वस्तु के उत्पादन पर विशेष ध्यान देना होगा जो सामाजिक लाभ अधिकतम करने में सहायक सिद्ध होती है 
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