HISTORY OF COMPUTER Secrets You Never Knew

                   कंप्यूटर का परिचय
                इंट्रोडक्शन ऑफ कंप्यूटर



कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के कंप्यूटर शब्द से हुई है जिसका अर्थ गणना करना होता है कंप्यूटर का अविष्कार मुख्यतया गणन कार्यों के लिए हुआ था परंतु आधुनिक युग में इस का कार्यक्षेत्र काफी विस्तृत और व्यापक हो गया है
 
                            कंप्यूटर का इतिहास 
_____________________________________________
 वर्ष       अविष्कारक          अविष्कार            विशेषता
_____________________________________________
16.वी शताब्दी ली काई चेन   अबेकस   गणन कार्यो में
                                                        सहायता के लिए
_____________________________________________
1617 जॉन नेपियर Napier bones  शीघ्रतापूर्वक
                                                         गुणा करने के
                                                          लिए
_____________________________________________
1642    ब्लेज पास्कल  गणन यंत्र    प्रथम गणना यंत्र
_____________________________________________
1671 गोटफ्रेंड वोन   यांत्रिक           जुड़ वा घटाव के
          लेबनीज        केलकुलेटर      साथ साथ गुणा व
                                                       भाग करना

_____________________________________________
1823-34 Charles babies difference engine
 बीजगणितीय फलनों का मान दशमलव के 20 स्थानों तक शुद्धता पूर्वक ज्ञात किया जा सकता था
_____________________________________________1880 Herman hollerith census विद्युत चलित पंच काडू द्वारा द्वारा
_____________________________________________
1937-38     जानवी Itanasof    पूर्णांत इलेक्ट्रॉनिक इसमें
       तथा क्लिफोर्ड बैरी ABC  एक भी यांत्रिक ऊर्जा नहीं था
_____________________________________________
Computer ki pidiya generation of computer
      
history of computer
Computer Gyan



दूसरे विश्व युद्ध के बाद कम्प्यूटरो का विकास बहुत तेजी से हुआ और उनके आकार प्रकार भी बहुत परिवर्तन हुए /
आधुनिक कंप्यूटरों के विकास के इतिहास को तकनीकी विकास के अनुसार कई भागों में बांटा जाता है जिन्हें कंप्यूटर की पीढ़ियां कहा जाता है अभी तक कंप्यूटरों की 5 पीढ़ियों अस्तित्व में आ चुकी है

प्रत्येक पीढ़ी के कंप्यूटरों की विशेषताएं और उनका संक्षिप्त विवरण निम्नवत है

1.प्रथम पीढ़ी कंप्यूटर
 Fast Generation of computer




इस पीढ़ी के कंप्यूटरों समय सन 1946 से 1955 तक माना जाता है
इस पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया जाता है
इस पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में बहुत बड़े होते थे और इतनी गर्मी उत्पन्न करते थे कि एयर कंडीशनिंग अनिवार्य होती थी
यह कंप्यूटर की गति में बहुत धीमे होते थे और इनका मूल्य भी तुलनात्मक दृष्टि से बहुत अधिक होता था

स्टडी के कुछ कंप्यूटरों के नाम इस प्रकार है एनिएक Eniac
एडसैक Edsac एडवैक यूनीवैक 1 यूनीवैक 2 आईबीएम 701 आईबीएम 650 मार्क 2 मार्क 3 बरोज 2202

2.दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर 
second generation of computer



इस पीढ़ी के कंप्यूटरों का समय सन 1956 से 1965 तक माना जाता है इस पीढ़ी के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर का उपयोग होने लगा इस पीढ़ी के कंप्यूटरों आकार में छोटे गति में तेज तथा अधिक विश्वसनीय होते थे और उनकी लागत भी कम होती थी
इस पीढ़ी के कंप्यूटर में डाटा स्टोर करना तथा परिणाम प्राप्त करना सरल था इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में IBM - 1401 प्रमुख है जो बहुत ही लोकप्रिय एवं बड़े पैमाने पर उत्पादित किया गया था
इस पीढ़ी के अन्य कंप्यूटर है IBM - 1602 Ibm - 7094 सीडीएस - 3600 आरसीए -501 univac - 1107

3.तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर
 third generation of computer



इस पीढ़ी के कंप्यूटरों का समय सन 1966 से 1975 तक माना जाता है इनमें एकीकृत free Patel integrated circute यह चीजों का उपयोग किया जाता था जो आकार में बहुत छोटे होते थे
एक चित्र सैकड़ों ट्रांजिस्टर को एकीकृत किया जा सकता था
इससे बने कंप्यूटर आकार में छोटे गति में बहुत तेज तथा विश्वसनीयता में बहुत अधिक होते थे
किस पीढ़ी के कंप्यूटरों के साथ हिंदी डाटा को भंडारित करने वाले ब्रांच साधनों जैसे डिस्क टेप आदि का भी विकास हुआ
इस पीढ़ी के कंप्यूटरों की सहायता से  मल्टीप्रोग्रामिंग Multiprogramming   एव  multiprocessing
संभव हो गया इस पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में छोटे होने के साथ-साथ सस्ते भी थे स्पीडी के मुख्य कंप्यूटर थे आईबीएम -360 आईबीएन -370 (series) आईसीएल-1900 एवं 2900 (सीरीज) बरोज 5700;6700 तथा 7700 (series) CDC-3300 6000 तथा 7000 (Series) univac 9000
श्रृंखला हनीवैल 6000तश तथा 200.PDP -11/45 आदि

4. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर



इस पीढ़ी के कंप्यूटर का समय सन 1975 से 1990 तक माना जाता है इनमें केवल एक सिलिकॉन चिप पर कंप्यूटर के सभी एकीकृत परिपथ को लगाया जाता है जिसे माइक्रोप्रोसेसर कहा जाता है इन चीपो का प्रयोग करने वाले कंप्यूटरों को माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है इन में बिजली की खपत बहुत कम होती है तथा यह सामान्य तापक्रम पर भी कार्य करने में सक्षम होते हैं कंप्यूटर की इस पीढ़ी में पर्सनल कंप्यूटर कि श्रेणी अस्तित्व में आई जिन्हें पेंटियम कहां जाता है इस पीढ़ी के कंप्यूटर मुख्य पेंटियम श्रैणी  के हैं जिनके चार श्रेणियां पेंटियम 1 से लेकर पेंटिंयम 4 तक अस्तित्व में आ चुकी है

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर fifth generation of computer 


सन 1990 के बाद से अब तक का समय कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी का है जिसमें ऐसे कंप्यूटरों का निर्माण का प्रयास चल रहा है जिनमें कंप्यूटिंग की ऊंची क्षमताओं के साथ-साथ तर्क करने निर्णय लेने तथा सोचने की भी क्षमता हो इस पीढ़ी के कंप्यूटरों का मुख्य फोकस डाटा प्रोसेसिंग की बजाय ज्ञान प्रोसेसिंग पर है वैज्ञानिकों का दावा है कि यह कंप्यूटर बहुत हद तक मानव मस्तिष्क जैसे होंगे अभी तक ऐसे कंप्यूटर बनाने में सफलता नहीं मिली है परंतु कुछ ऐसे कंप्यूटर अस्तित्व में आ गए हैं जिनमें चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में अधिक उच्च क्षमताएं हैं इन्हें सुपर कंप्यूटर कहा जाता है जो एक साथ सैकड़ों कंप्यूटर के बराबर कार्य  अकेले ही कर लेते हैं



Previous
Next Post »

2 comments

Write comments

IGNU QUESTION PAPER BUSINESS ORGANIZATION Your Way To Success

No.of Printed Pages :4.          [ECO-001]                   Bachelors Degree Programme                        December ,2016 ...