Latest News facebook khash App ke jariye chura raha hai users ka data

     
  फेसबुक खश एप्प के जरिये चुरा रहा है यूजर्स का डाटा
                                    


   फोन का एक्सेस पाने के लिए दे रही है पैसों का लालच

गैजेट डैस्क: फेसबुक ने यूजर्स का डाटा हथियाने का नया तरीका ढूंढ निकाला है कंपनी ने Facebook Research नाम की ऐप बनाई है यह वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) पर काम करती है जो स्मार्ट फोन पर डाटा का एक्सेस पाने में कंपनी की मदद कर रही है इसे फोन में इंस्टॉल करने के लिए कंपनी $20 लगभग 14 सो रुपए देने का लालच भी दे रही है ऐप को इंस्टॉल करने के बाद फेसबुक सेलुलर कनेक्टिविटी के के जरिए आपके फोन का एक्सेस पा लेती है जिसके बाद डाटा पर नियंत्रण किया जा सकता है

       यूजर की जानकारी हासिल कर रही है फेसबुक
                               
फेसबुक ने टैकक्रंच से  बात करते हुए मना है की यह एप अभी भी मौजूद है और यह यूजर्स की आदतों और स्मार्टफोन उपयोग करने के तरीकों का पता लगाती है

              फोटो वा वीडियोस भी नहीं है सुरक्षित 
सिक्योरिटी एक्सपोर्ट (Will Strafach) ने बताया है कि फेसबुक रिसर्च ऐप के जरिए सभी तरह के डाटा को कलेक्ट कर रही है जिसमें यूजर के प्राइवेट मैसेज फोटोस और वीडियोस वाली इंस्टेंट मैसेजिंग चैट ईमेल वेब एक्टिविटी पर लोकेशन इंफॉर्मेशन आदि शामिल है
                                 
   लिंक पर क्लिक करने से हो रही है डाउनलोड एप 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस ऐप को एप स्टोर से डाउनलोड करने की भी जरूरत नहीं है यूज़र एक अलग तरह के फेसबुक यूआरएल से इसे डाउनलोड कर रहे हैं फोन में ऐप इनस्टॉल करते समय इंटरप्राइज डिवेलपर्स सर्टिफिकेट इंस्टॉल हो जाता है जो फोन का एक्सेस ऑन कर देता है
  आपको कैसे नुकसान पहुंचा सकता है फेसबुक रिसर्च     ऐप 
ऐप को इंस्टॉल करने के बाद यूजर अपने स्मार्टफोन की परमिशन ऐप को दे देता है जिसके बाद यह एप पता लगाती है कि आप किस तरह की एप का किस समय उपयोग करते हैं यूजर की इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री को चैक किया जाता है वही फेसबुक क्लाइटस यह भी पता करते हैं कि आप किस तरह की वेबसाइट पर जाते हैं व वहां पहुंचकर कैसे डाटा को शेयर करते हैं

            यूजर को इनवाइट भेज रहा है फेसबुक 

टैकक्रंच ने बताया है कि अन्य कंपनियों की तरह ही फेसबुक लोगों को इनवाइट भेज रहा है ताकि वे रिसर्च में पार्टिसिपेट करें और जरूरी बातों को समझने में कंपनी की मदद करें रिपोर्ट के मुताबिक इस सर्च का मुख्य कारण है कि फेसबुक इस बात को समझना चाहता है कि लोग किस तरीके से अपने मोबाइल का उपयोग करते हैं लेकिन असल में यह मामला कंपनी के पुराने onavo प्रोजेक्ट की तरह ही जिसे पिछले साल एप्पल ने प्राइवेसी ऑब्जेक्शन को लेकर रिमूव किया था फेसबुक की इस रिसर्च ऐप में onavo की तरह ही फीचर दिए गए हैं वहीं यह एप्पल की प्राइवेसी पॉलिसी का भी उल्लंघन कर रही है


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