WHAT IS ACCOUNTING: Back To Basics

What is accounting?

अकाउंटिंग व्यवसाय की भाषा है जिसका प्रयोग व्यवसाय से संबंधित वित्तीय एवं अन्य सूचनाओं को संबंधित व्यक्तियों सरकार एवं वित्तीय संस्थाओं को प्रदान करने हेतु किया जाता है लेखाकन का कार्य केवल  व्यवसाय के लेनदेनओं को सुनिश्चित ढंग से नियमानुसार इस प्रकार लिखने से है जिससे व्यवसाय की स्तिथि का किसी भी समय संपूर्ण ज्ञान प्राप्त किया जा सके 

What is accounting?

WHAT IS ACCOUNTING: Back To Basics

आरoएनo एंथोनी के अनुसार लेखांकन प्रणाली व्यवसाय से संबंधित सूचनाओं को मौद्रिक शब्दों में एकत्रित करने सारांश  लिखने विश्लेषण करने और सूचित करने का एक साधन है हैरोल्ड वायरमैन एवं एलेन आर ड्रेबिन के अनुसार अकाउंटिंग को व्यवसाय वित्तीय सूचनाओं को पहचाना मापना लिखना और संवहन करना कहा जा सकता है अर्थात Business accounting को हम  अच्छी तरह समझ सके और लिख सकें 

अमेरिका एकाउंटिंग प्रिंसिपल बोर्ड ने अकाउंटिंग को एक सेवा क्रिया के रूप में परिभाषित किया है इसके अनुसार अकाउंटिंग एक सेवा क्रिया है इसका कार्य आर्थिक इकाइयों के बारे में मुख्यतः वित्तीय प्रकृति की परिमाणात्मक सूचना देना है जो की विकल्प एक व्यवहार क्रियाओं में तर्क उपचयन द्वारा आर्थिक निर्णय लेने में उपयोगी हो 

अकाउंटिंग की विशेषताएं कुछ इस प्रकार है


1.कला और विज्ञान यानी लेखाकन कला और विज्ञान दोनों है कला के रूप में या वित्तीय परिणाम जानने में सहायक है इसमें अभी लिखित तथा वर्गीकृत लेनदेनो का Summary तैयार किया जाता है उन्हें विश्लेषक किया जाता है तथा उनका निर्वचन किया जाता है financial  व्यवहारों का विश्लेषण एवं निर्वाचन अकाउंटिंग की कला है इसके लिए विशेष ज्ञान योग का और अनुभव की आवश्यकता होती है विज्ञान के रूप में यह एक व्यवस्थित ज्ञान की शाखा है इसमें लेन-देनो एवं घटनाओं के अभिलेखन (Recording) वर्गीकरण तथा संक्षिप्तीकरण के निश्चित नियम है इन नियमों के आधार पर ही Articles का क्रमबद्ध व व्यवस्थित रूप से रिकॉर्डिंग किया जाता है 
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2.वित्तीय प्रकृति

 अकाउंटिंग में केवल मुद्रा यानी करंसी में Measurement योग वित्तीय प्रकृति की घटनाओं और व्यवहारो का ही अकाउंट किया जाता है ऐसे व्यवहार जो वित्तीय प्रकृति के नहीं होते हैं उनका उनका पुस्तकों में अकाउंट नहीं किया जाता  अर्थात संस्थाओं में प्रबंधक को और कर्मचारियों में अच्छे संबंध व्यवसायिक परिणामों को परिभाषित करते हैं परंतु इसका Account नहीं किया जाता क्यों की यह संबंधित वित्तीय प्रकृति के नहीं है 

3. चार प्रमुख कार्य पर ध्यान दिया गया है जो इस प्रकार हैं 

1. अभिलेखन यानी (Recording) यह (Accounting)

  यानी लेखाकन का मूल्य कार्य है किसी भी व्यवसाय द्वारा समस्त लेन-देनो को याद रखना संभव नहीं है इसीलिए वह इसका पुस्तकों में अभिलेखन करता है यह Recording जनरल में किया जाता है जिससे अनेक सहायक पुस्तकों तथा Cash book या Purchase books या Sale book आदि में विभाजित किया जा सकता है

2. वर्गीकरण (Classifying) 

जो व्यवहार दर्ज किए गए हैं उन्हें उनकी प्रकृति के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है वर्गीकरण का यह कार्य जिस पुस्तक में किया जाता है उसे खाता बही यानी लेजर इंग्लिश में कहते हैं इस लेजर के अलग-अलग तरीकों से खाते खोले जाते हैं जिसका अंतर्गत सामान प्रकृति के सभी वित्तीय लेनदेन एक ही स्थान पर एकत्रित किए जाते हैं 

3. संक्षेपण (Summarising) 
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इस क्रिया में वर्गीकृत व्यवहारो को इस ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है ताकि लेखाकन विवरण आंतरिक एवं बाह्य प्रयोग कर्ताओं के लिए उपयोगी बन सके इसके लिए लेखांकन व्यवहारों का  का Summary अंतिम खातों यानी Final Account के रूप में तैयार किया जाता है इसके अंतर्गत व्यापारिक एवं लाभ हानी खाता यानी ट्रेडिंग एंड प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट तथा Balance sheet बनाए जाते हैं 

4. व्याख्या या निर्वाचन करना (Interpreting)

यह अकाउंटिंग का अंतिम कार्य है इसमें अभिलिखित वित्तीय व्यवहारों की इस प्रकार व्याख्या की जाती है कि इनके उपयोगकर्ता व्यवसाय की वित्तीय स्थिति एवं लाभदायकता के संबंध में अर्थ पूर्ण निर्णय ले सकें साथ ही भावी योजना तैयार करने तथा योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए नीति निर्धारण में भी इन वित्तीय परिणामों का उचित प्रयोग कर सके
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